The Pursuit Of Happyness Movie In Hindi -

कहानी यहाँ खत्म नहीं होती। वो क्रिस गार्डनर आगे चलकर अपनी खुद की मल्टीमिलियन डॉलर की फर्म के मालिक बनता है। लेकिन फिल्म का असली संदेश है – खुशी कोई जगह नहीं है, खुशी एक रास्ता है। वो रास्ता जहाँ तुम रोते हुए भी मुस्कुराते हो, भूखे रहकर भी सीखते हो, और टॉयलेट में रात बिताकर भी सुबह अपने बच्चे से कहते हो:

Dean Witter नाम की एक ब्रोकरेज फर्म में इंटर्नशिप के लिए 20 लोगों का चुनाव होता है। उनमें से सिर्फ एक को नौकरी मिलती है – और वो भी बिना तनख्वाह के 6 महीने ट्रेनिंग के बाद। क्रिस फॉर्म भरता है, लेकिन उसके पास डिग्री नहीं है, सिर्फ हाई स्कूल। फिर भी, वो हर दिन ऑफिस के बाहर खड़ा होता है, मैनेजर को इम्प्रेस करने के लिए। The Pursuit Of Happyness Movie In Hindi

और इसी छोटे से डायलॉग में छिपी है – की असली हिंदी। ✨ भूखे रहकर भी सीखते हो

"हे क्रिस्टोफर। तुम्हें पता है क्या?" "क्या, पापा?" "कभी किसी को तुम्हें ये मत बताने देना कि तुम कुछ नहीं कर सकते। यहाँ तक कि मैं भी नहीं। ठीक है?" "ठीक है।" पेंटिंग के कपड़ों में

लेकिन मुसीबत – एक रात पुलिस क्रिस को गिरफ्तार कर लेती है क्योंकि उसके पास पार्किंग के जुर्माने भरने के पैसे नहीं थे। अगले दिन उसका इंटरव्यू है! वह पुलिस स्टेशन से सीधे, पेंटिंग के कपड़ों में, दौड़ता हुआ ऑफिस पहुँचता है।

वो दौड़ता हुआ डे-केयर सेंटर पहुँचता है। सी.जे. को गोद में उठाता है और कस कर गले लगाता है।

सैन फ्रांसिस्को, 1981। ये कहानी है क्रिस गार्डनर नाम के एक आम आदमी की। क्रिस एक सेल्समैन है। वो 'बोन डेंसिटी स्कैनर' नाम की एक मशीन बेचता है – जो एक्स-रे से थोड़ी बेहतर तो है, लेकिन डॉक्टर्स के लिए बेकार है क्योंकि ये बहुत महंगी है।